रविवार, 24 सितंबर 2017

बी एच यू में बबाल

'परसों शाम एक लड़की के कुर्ते में दो लड़कों ने हाथ डाल दिया था। उस लड़की की शिकायत पर कोई कारवाई नहीं हुई उल्टा उसको बोला गया 6 बजे के बाद होस्टल से बाहर क्यों निकली ?
बीएचयू की लड़कियाँ आंदोलन कर रही हैं एक सुरक्षित माहौल के लिए। उनके आंदोलन को मेरा पूरा समर्थन।
(मेनस्ट्रीम मीडिया इस खबर को कवर नहीं कर रहा, सबलोग अपनी अपनी वाल्स पर समर्थन में लिखिये| )

                        ------- उपासना झा 
बीएचयू की एक छात्रा आकांक्षा गुप्ता का कहना है, "छेड़खानी की घटना एक दिन की नहीं है. ये आए दिन होती रहती है."
उन्होंने कहा, "विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत करने पर उल्टा हमसे सवाल पूछा जाता है कि रात में या बेतुके टाइम में बाहर निकलती ही क्यों हो?"
आकांक्षा गुप्ता का कहना था कि छेड़खानी और विश्वविद्यालय प्रशासन के इस रवैये के विरोध में उसने पिछले एक महीने से अपने सिर को मुंडवा रखा है.

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के गेट पर हो रहा है प्रदर्शनइमेज कॉपीरइटANURAG
Image captionकाशी हिंदू विश्वविद्यालय के गेट पर हो रहा है प्रदर्शन

शहर में हैं पीएम नरेंद्र मोदी
शुक्रवार को शहर में प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे से ठीक पहले बड़ी संख्या में आक्रोशित छात्राएं सड़क पर उतर आईं और बीएचयू की गेट पर नारेबाज़ी के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया.
विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई आरोप लगाते हुए छात्राएं इस मांग पर अड़ी हैं कि कुलपति धरना स्थल पर उनके साथ बातचीत करें.
वाराणसी के नगर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बीबीसी को बताया कि कुलपति बातचीत को तैयार हैं लेकिन छात्राओं की मांग है कि वो अपने दफ़्तर की बजाय विश्वविद्यालय के गेट पर यानी धरनास्थल पर ही आकर बातचीत करें.

बीएचयू के बाहर प्रदर्शनइमेज कॉपीरइटANURAG

"दोषियों के ख़िलाफ़ जल्द होगी कार्रवाई"

इस बीच शुक्रवार को रात भर छात्राएं नारेबाज़ी करती रहीं. बताया जा रहा है कि छात्राओं के समर्थन में विश्वविद्यालय के बाहर की भी कुछ लड़कियां आ गईं और उन्होंने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

बीएचयू में छात्राओं का प्रदर्शनइमेज कॉपीरइटANURAG

हालांकि एसपी सिटी दिनेश सिंह का कहना था कि शुक्रवार की तुलना में आज छात्राओं की संख्या में काफ़ी कमी आ गई है.
बीबीसी से बातचीत में एसपी सिटी दिनेश सिंह ने कहा, "अभी तक हम लोग प्रधानमंत्री की यात्रा में व्यस्त थे इसलिए छात्राओं के साथ बातचीत और उन्हें वहां से हटाने की कोशिश नहीं कर पाए. मामले को जल्द ही सुलझा लेंगे. जिस छात्रा ने छेड़खानी का आरोप लगाया था उसकी ओर से मुक़दमा दर्ज किया जा चुका है और दोषियों के ख़िलाफ़ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी."

बीएचयू के बाहर छात्राओं का प्रदर्शनइमेज कॉपीरइटANURAG

रात भर धरने पर बैठी रहीं छात्राएं

पहले दिन प्रदर्शन शाम तक जारी रहा और बताया जा रहा है कि इस वजह से प्रधानमंत्री के रास्ते में भी परिवर्तन करना पड़ा.
छात्राओं को मनाने की प्रशासन की हर कोशिश नाकाम साबित हुई और छात्राएं रात भर धरने पर बैठी रहीं.
      ------------(बीबीसी हिन्दी )
बीएचयू में छेड़छाड़ के विरोध में धरना दे रहे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज, छावनी में तब्दील हुई यूनिवर्सिटी
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में चल रहा प्रदर्शन शनिवार रात अचानक हिंसक हो गया.
Reported by: NDTV इंडिया, Updated: 24 सितम्बर, 2017 8:22 AM
कैंपस में छेड़छाड़ की घटनाओं के विरोध में 2 दिनों से धरने पर थी छात्राएं
शनिवार रात वीसी से मुलाकात करने के लिए जा रहे थे प्रदर्शनकारी
गार्डों से स्टूडेंट की झड़प हुई. इसके बाद पुलिस ने लाठियां बरसाईं
वाराणसी: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में चल रहा प्रदर्शन शनिवार रात अचानक हिंसक हो गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर जमकर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ स्टूडेंट घायल भी हुए हैं. फिलहाल मौके पर भारी सुरक्षाबल की तैनाती कर दी गई है और बीएचयू के गेट पर प्रदर्शन कर रहे लड़के-लड़कियों को वहां से पूरी तरह हटा दिया गया है. बीएचयू में पढ़ने वाली छात्राएं कैंपस में हो रही छेड़छाड़ की वारदातों के खिलाफ दो दिनों से धरने पर बैठी थीं. इनकी मांग थी कि वाइस चांसलर मौके पर आकर उनकी समस्याओं को सुनें और उनका समाधान निकालें. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद रात करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राएं वीसी के घर की ओर जाने लगे. यहां उनकी झड़प बीएचयू के गार्डों से हुई. इसके बाद पथराव हुआ.

इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी फिर बीएचयू के गेट पर आकर बैठ गए. वहां स्थानीय पुलिस पहुंची और धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं को हटाने की कोशिश करने लगी. जब ये लोग नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.